Tuesday, January 10, 2017


Not Allowed 

इस शहर में रुकना allowed नहीं है
थक कर कहीं रुक गए तो
धक्के खा कर चीखना allowed नहीं है

पल में भूल जाने वाले इस शहर में
याद रखना allowed नहीं है.
समय से race लगाते इस शहर में
वक़्त का होना allowed नहीं है.

भीड़ भरी सडकें
भीड़ में खोना allowed नहीं है.
ठोकरों से भरे इस शहर में
चोट पे रोना allowed नहीं है.

ज़िन्दगी के पीछे भागते
इस शहर में जिंदा होना allowed नहीं है.
सपनो की यह नगरी
इस शहर में सोना allowed नहीं है.

- Vivek Singh
Manager – Online & Content Marketing, Books Marketing

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